नासिक एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को मालेगांव महानगरपालिका के कमिश्नर रवींद्र जाधव को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। महत्वपूर्ण है कि रवींद्र जाधव दो दिन बाद रिटायर होने वाले थे। इस कार्रवाई में रवींद्र जाधव के निजी सहायक (PA) और उद्यान अधीक्षक नीलेश पाटिल समेत कुल तीन लोगों को भी ACB ने गिरफ्तार किया है।
ACB के अनुसार, एक ठेकेदार ने दो अलग-अलग विकास कार्यों के करीब 20 लाख रुपये के लंबित बिल पास कराने के बदले 4 प्रतिशत रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत से हिरासत तक की कार्रवाई
1. रिश्वत की मांग का आरोप: ठेकेदार के करीब 20 लाख रुपये के दो लंबित बिलों को मंजूरी दिलाने के बदले 4 प्रतिशत रिश्वत मांगे जाने का आरोप है।
2. ACB में शिकायत: ठेकेदार ने इस कथित मांग को लेकर नासिक एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से शिकायत की।
3. प्राथमिक जांच: शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले की जांच की और आरोपों की पुष्टि के लिए कार्रवाई की तैयारी की।
4. ट्रैप ऑपरेशन: ACB ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। इस दौरान महानगरपालिका कमिश्नर रवींद्र जाधव, उनके निजी सहायक (PA) और उद्यान अधीक्षक नीलेश पाटिल समेत कुल तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।
5. पूछताछ और तलाशी: कार्रवाई के बाद कमिश्नर को पूछताछ के लिए नासिक स्थित ACB कार्यालय ले जाया गया। दूसरी टीम ने मालेगांव में उनके सरकारी आवास और निजी सहायक के घर की तलाशी ली। तलाशी में कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है।
रवींद्र जाधव 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनके रिटायरमेंट से ठीक दो दिन पहले हुई इस कार्रवाई से महानगरपालिका प्रशासन में हलचल मच गई है।
फिलहाल ACB दस्तावेजों की जांच और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। रिश्वत मांगने से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
